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बाल संवाद का आयोजन, मोहम्मद ज़ैद रहमान सम्मानित

संवाद बच्चों के विकास के लिए अतिआवश्यक है. व्यक्तित्व को  प्रभावित करने में
संवाद की विशेष भूमिका

फूलदेव पटेल 

मुजफ्फरपुर। (28 जनवरी) मालीघाट में साहित्यकार सुनील कुमार प्रिय की अध्यक्षता में "बाल संवाद" का आयोजन किया गया। अध्यक्षीय संबोधन में युवा साहित्यकार सुनील कुमार प्रिय ने बताया कि  संवाद का अर्थ है विचारों और भावनाओं को साझा करना. इसमें सुनना, दूसरे व्यक्ति को देखना और बोलना, इशारे एवं शारीरिक भाव-भंगिमायें भी शामिल होती हैं. बच्चों से क्या बोला जा रहा है यह तो महत्वपूर्ण है ही, कैसे बोला जा रहा है यह ध्यान रखना भी जरुरी है। सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने बताया कि उम्र अनुसार बच्चे का सामान्य व्यवहार बदलता रहता है. अतः अभिभावकों की संवाद कला उसी अनुरूप होनी चाहिए. 

बाल संवाद का आयोजन, मोहम्मद ज़ैद रहमान सम्मानित

कवि कलाकार दिनेश प्रसाद ने बताया कि बालावस्था में अक्सर बच्चों की प्रशंसा करें, बुरे व्यवहार पर टोके लेकिन विकल्प के साथ.  इस उम्र में बच्चे बहुत सवाल करते हैं. उनके सवालों को न तो टालें न ही झुंझलायें. आपके उत्तर छोटे और सही होने चाहिए. मुजफ्फरपुर मोबाइल वाणी के संजय कुमार ने कहा कि बच्चे अपनी गलतियों से बहुत कुछ सीखते हैं. अतः डांटने के बजाय संवाद के माध्यम से समस्याओं को हल करने में मदद करें.परफेक्ट सॉल्यूशन सोसाइटी के सचिव अनिल कुमार ठाकुर ने बताया कि बच्चे के साथ ज्यादा से  ज्यादा  समय बिताएं, अनुभवों को साझा करें, उनके विचारों और चिंताओं को सुनें, तारीफ करें और उनकी शिक्षा में रुचि दिखाएं.

लोक गायिका अनिता कुमारी ने कहा कि बच्चे को अपनी विचारों और चिंताओं, कड़वाहट को व्यक्त करने दें.आंख मिला कर बात करें. बच्चे जो कह रहे हैं, उसमें रुचि दिखाएं. जोर से न बोले. चिल्लाये नहीं. ऐसा प्रश्न पूछें जिसका विस्तृत जवाब संभव हो. अपने अनुरोधों को सरल रखें. भाषा की मर्यादा पर ध्यान दें. संवाद बच्चों में आत्मसम्मान का निर्माण करता है. संवाद परिवार के सदस्यों के बीच सहयोग और विश्वास बढ़ाता है. समस्याओं के विकराल होने से पूर्व उसे हल करने में संवाद की सबसे बड़ी भूमिका होती हैं।

"बाल संवाद" में मुख्य रूप से,सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संरक्षक साई सेवादार अविनाश कुमार,विजय मिश्रा,पूर्णिमा मिश्रा,सुमन कुमारी,अदिति ठाकुर, अंसिका,शिवम शबी रहमान,मोहम्मद बसीर सिद्दीकी मौजूद थे।


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